Bihar State Election Authority बिहार सरकार का एक वैधानिक निकाय है, जिसकी स्थापना बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकरण अधिनियम, 2008 के तहत की गई। इसका मुख्य दायित्व राज्य में जमीनी स्तर (Grass-roots level) की संस्थाओं के स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना है।
🔹 किन संस्थाओं के चुनाव कराता है?
- प्राथमिक सहकारी समितियाँ (Primary Co-operative Societies)
- पैक्स (Primary Agriculture Co-operative Credit Society – PACS)
- शिक्षा समिति (शिक्षा समिति/School Committee)
- राज्य स्तरीय सहकारी बैंक एवं विपणन महासंघ (Apex Bodies)
इन संस्थाओं के निर्वाचित पदाधिकारियों के पास महत्वपूर्ण वित्तीय एवं विवेकाधीन शक्तियाँ होती हैं, इसलिए इनके चुनावों में पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है।
🔹 BSEA की आवश्यकता क्यों पड़ी?
पहले विभिन्न संस्थाओं के चुनाव अलग-अलग निकायों द्वारा, एकरूप नियमों के अभाव में कराए जाते थे, जिससे:
- पारदर्शिता की कमी
- सत्ता-केन्द्रित समूहों का वर्चस्व
- निष्पक्षता पर प्रश्न
जैसी समस्याएँ सामने आती थीं।
सार्वजनिक हित में एक समान तंत्र और प्रक्रिया सुनिश्चित करने हेतु BSEA का गठन किया गया।
🔹 बिहार की ऐतिहासिक पहल
BSEA देश में अद्वितीय है—ऐसा निकाय किसी अन्य राज्य/केंद्रशासित प्रदेश में नहीं है। यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्राचीन बिहार लोकतंत्र के प्रारंभिक केंद्रों (जैसे लिच्छवि गणराज्य) का घर रहा है।
👥 संगठनात्मक संरचना
- मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी: श्री गिरिश शंकर
- सचिव
- संयुक्त सचिव: कयूम अंसारी
- उप सचिव
- अवर सचिव: राकेश कुमार
- अनुभाग पदाधिकारी:
- श्री राम प्रसाद – अनुभाग-I (निर्वाचन)
- श्री शियो कुमार प्रसाद – अनुभाग-II (स्थापना)
- श्री शत्रुघ्न सिंह – अनुभाग-III (बजट एवं लेखा)
🌐 आधिकारिक वेबसाइट: https://bsea.bihar.gov.in/
✍️ लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बिहार की एक ऐतिहासिक और अग्रणी पहल।

